जिला परिषद् सदस्य कैसे बनें? जिला परिषद् सदस्य की योग्यता, वेतन, कार्य

गाँवो के विकास हेतु भारत में पंचायती राज की व्यवस्था की गयी है. पंचायती राज के तहत जिला परिषद् सबसे ऊपरी संस्था होती है, जो जिला स्तर पर कार्य करती है. जिला परिषद् के कार्यकारी व्यक्ति को जिला परिषद् सदस्य के नाम से जाना जाता है. अब आपके मन में सवाल होगा कि जिला परिषद् सदस्य बनने के लिए क्या करें? तो आज आप जानेंगे जिला परिषद् सदस्य कैसे बने? जिला परिषद् सदस्य की योग्यता.

जिला परिषद् सदस्य किसे कहते हैं?

पंचायती राज की ऊपरी संस्था ‘जिला परिषद्’ उम्मीदवार/ व्यक्ति को जिला परिषद् सदस्य कहते हैं. इनकी नियुक्ति पंचायती राज व्यवस्था की त्रिस्तरीय चुनाव के माध्यम से होती है. जिला परिषद् सदस्य, जिला स्तर का अधिकारी, नेता होता है. जो जिला स्तर पर गाँवों के विकास हेतु कार्य करता है. ग्राम पंचायत और पंचायत समिति सदस्य की कार्यों की निगरानी व निर्देशन जिला परिषद् करती है.

जिला परिषद् सदस्य की योग्यता

  • उम्मीदवार भारत देश का नागरिक हो.
  • उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम दसवीं (10th) पास होना चाहिए.
  • मतदाता सूची (Voter List) में उम्मीदवार का नाम होना चाहिए.
  • उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए.
  • अभ्यर्थी किसी सरकारी लाभकारी पद पर कार्यरत न हो.
  • उम्मीदवार पागल या दिवालिया न हो, मानसिक रूप से स्वस्थ हो.

जिला परिषद् सदस्य कैसे बने?

  • जिला परिषद् सदस्य बनने के लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाग लेना होगा.
  • प्रत्येक पांच वर्ष के अन्तराल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होती है, उस समय जिला परिषद् सदस्य प्रत्याशी के रूप में चुनाव में भाग लें.
  • निर्वाचन आयोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हेतु नामांकन की तिथि, मतदान और मतगणना की तिथि की सूचना जारी करती है.
  • जब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हेतु नामांकन होती है, उस समय जिला परिषद् सदस्य प्रत्याशी/उम्मीदवार के लिए नामांकन (Nomination) करवाना होगा.
  • जिला परिषद् सदस्य प्रत्याशी के रूप नामांकन करवाने अपना तथा अपने चुनाव चिन्ह का प्रचार-प्रसार करना होगा, ताकि लोग आपको जाने.
  • समाज के लोगों के साथ जितना अच्छा व्यवहार होगा, उतना अधिक वोट प्राप्त होगा.
  • निर्धारित तिथि को मतदान/ वोट होती है और मतगणना होती है.
  • मतगणना में अगर आपकी बहुमत यानि सबसे अधिक मत/वोट होंगे, तो आप विजयी घोषित किया जायेगा.
  • और आप अपने क्षेत्र के जिला परिषद् सदस्य बनेंगे.

जिला परिषद् सदस्य का वेतन कितना होता है?

जिला परिषद् सदस्य का वेतन 3000 रूपये प्रतिमाह होता है. वेतन के अलावे बैठक भत्ते, यात्रा भत्ते एवं अन्य भत्ते अलग से दिए जाते हैं.  कुल मिलाकर जिला परिषद् सदस्य का वेतन लगभग दस हजार हो जाता है.

जिला परिषद् सदस्य का कार्य

  • ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों को निर्देशन और उनके कार्यों की निगरानी करना जिला परिषद् सदस्य का मुख्य कार्य होता है.
  • अपनी जिला क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों की विकास हेतु कार्य करती है.
  • ग्राम पंचायत और पंचायत समितियों से गाँवों की समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त करना.
  • और गाँवों की समस्याओं के समाधान हेतु राज्य सरकार को आवेदन देना.
  • सरकारी लाभों के बारे में पंचायत समितियों को जानकारी देना और उन्हें जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाने का कार्य सौपना.

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