PGDRD Course Kaise Kare? PGDRD ki Fees/ PGDRD Karne ke Baad Kya kare?

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु सरकार कई योजनाएं चला रही है. अगर आप भी ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने में रूचि रखते हैं और रूरल डेवलपमेंट के क्षेत्र में नौकरी पाना चाहते हैं. तो रूरल डेवलपमेंट कोर्स (PGDRD Course) करके इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं. अब आपके मन में सवाल होगा कि PGDRD Course Kaise Kare? तो आज आप जानेंगे कि PGDRD kya hai? PGDRD ki Fees Kitni Hoti Hai?

PGDRD Kya Hota Hai?

PGDRD ग्रामीण विकास से सम्बंधित एक पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स है. PGDRD का फुल फॉर्म Post Graduate Diploma in Rural Development होता है. इसे हिंदी में ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कहते हैं.

पीजीडीआरडी करके ग्रामीण विकास विभाग में करियर संवार सकते हैं. यह रूरल डेवलपमेंट से सम्बंधित एक पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स हैं, इस कोर्स को करने के लिए कम से कम ग्रेजुएशन पास होना चाहिए.

PGDRD Course ke Liye Qualification

  • पीजीडीआरडी कोर्स करने के इच्छुक अभ्यर्थी किसी मान्यता प्राप्त संस्थान/ विश्वविद्यालय से किसी भी सब्जेक्ट में स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण होना चाहिए.
  • ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स करने के लिए ग्रेजुएशन डिग्री अनिवार्य है.
  • बिना ग्रेजुएशन किये PGDRD में दाखिला नहीं मिलता है.

PGDRD Course Kaise kare?

  • पीजीडीआरडी कोर्स करने के लिए सबसे पहले किसी भी स्ट्रीम में बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करें.
  • उसके बाद किसी मान्यता प्राप्त संस्थान/ विश्विद्यालय से किसी भी सब्जेक्ट में स्नातक (Graduation) करें.
  • ग्रेजुएशन डिग्री प्राप्त करने के बाद किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में PGDRD Course में दाखिला लेना होगा.
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल डेवलपमेंट कोर्स में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन के बाद आवेदन फॉर्म भरना होगा.
  • आवेदन करने के बाद एंट्रेंस एग्जाम उत्तीर्ण करना होगा.
  • एंट्रेंस एग्जाम उत्तीर्ण करने के बाद पीजीडीआरडी कोर्स में एडमिशन लेना होगा.
  • सरकारी या प्राइवेट संस्थान में पीजीडीआरडी कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं.
  • आप IGNOU से भी पीडीआरडी कोर्स कर सकते हैं.

PGDRD ki Fees Kitni Hoti Hai?

पीजीडीआरडी एडमिशन की फीस 2400 रूपये होती है. बाकी कोर्स की मासिक फीस कॉलेज पर निर्भर करती है. विभिन्न शहरों के विभिन्न कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल डेवलपमेंट कोर्स की फीस भिन्न-भिन्न होती है.

PGDRD Kitne Saal ka Hota Hai?

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल डेवलपमेंट (PGDRD) कोर्स 1 वर्ष की अवधि की होती है. एक वर्षीय रूरल डेवलपमेंट कोर्स का पाठ्यक्रम दो सेमेस्टर में होता है. 6 माह के अंतराल में एक सेमेस्टर की परीक्षा होती है.

PGDRD Syllabus in Hindi

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल डेवलपमेंट (PGDRD) पाठ्यक्रम में कुल चार पेपर होते हैं, प्रथम तीन पेपर Compulsory होते हैं. प्रत्येक पेपर में तीन subject होते हैं, उनमें से किसी एक सब्जेक्ट का चयन करना होता है.

  • Paper I- Rural Development- Indian Context
  • Paper II- Rural Development Programmes
  • Paper III- Rural Development- Planning and Management
  • Paper- IV- Optional Paper (Rural Social Development, Rural Healthcare, Research and project work, Communication and Extension in Rural Development)

PGDRD Karne ke Baad Kya Kare?

  • पीजीडीआरडी कोर्स करने के बाद किसी सरकारी संगठन या गैर-सरकारी संगठन के जॉब पा सकते हैं.
  • ग्रामीण विकास विभाग में रूरल डेवलपमेंट ऑफिसर की जॉब पा सकते हैं.
  • कॉर्पोरेट सेक्टर की सामाजिक विकास यूनिट एवं राज्य संसाधन केंद्र में नौकरी पा सकते हैं.
  • फ्रीलांसिंग या पार्ट टाइम काम करके भी पैसा कमा सकते है.
  • गैर-सरकारी संगठन (NGO) ग्रामीण विकास के लिए कार्य करती है.
  • एनजीओ रूरल डेवलपमेंट के लिए कई पदों में भर्ती करती है, आप एनजीओ में जुड़कर कार्य कर सकते हैं.
  • NGO (गैर-सरकारी संगठन) में रूरल मैनेजमेंट प्रोफेशनल को ट्रेनर, रिसर्चर, कंसल्टेंट, प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर आदि पोस्ट की जॉब पा सकते हैं.

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