DCP Kaise Bante Hai? DCP ki Salary Kitni Hoti Hai? DCP बनने के लिए क्या करें?

आपने कई बार डीसीपी (DCP) शब्द सुना होगा, जो पुलिस डिपार्टमेंट में ऑफिसर रैंक की पोस्ट होटी है. डीसीपी पुलिस विभाग में बड़े अधिकारी का पद होता है, जिसका पद SP यानि पुलिस अधीक्षक के समान होता है. डीसीपी पुलिस ऑफिसर का नाम सुनकर आपके मन में सवाल आता होगा कि DCP Kaise Bante Hai? तो आज आप जानेंगे कि DCP Kaise Bane? DCP ki Salary Kitni Hoti Hai?

DCP ka Full Form in Hindi

DCP का फुल फॉर्म Deputy Commissioner of Police होता है. इसे हिंदी में ‘सहायक पुलिस उपायुक्त‘ कहा जाता है.

DCP Kya Hota Hai?

DCP यानि डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस होता है, जो पुलिस डिपार्टमेंट में अधिकारी रैंक का पोस्ट होता है. डीसीपी का पोस्ट एसपी (SP) रैंक के समान होता है. Deputy Commissioner of Police को संक्षिप्त में DCP कहा जाता है.

DCP Banne ke Liye Kya Kare?

DCP बनने के लिए सबसे पहले आप किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से ग्रेजुएशन करें. उसके बाद UPSC या State PSC एग्जाम उत्तीर्ण करके पुलिस डिपार्टमेंट में आईपीएस रैंक की जॉब प्राप्त करें. क्योंकि DCP पोस्ट में भर्ती के लिए कोई एग्जाम या फॉर्म नहीं निकलता है. इस पोस्ट में पदोंन्नति (Promotion) के द्वारा जॉब मिलती है. यूपीएससी एग्जाम उत्तीर्ण करके IPS ऑफिसर बनकर, प्रमोशन के द्वारा डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस बन सकते हैं या राज्य लोक सेवा आयोग, सिविल सर्विस एग्जाम उत्तीर्ण करके DSP बनकर, पदोंन्नति के द्वारा डीसीपी बन सकते हैं.

DCP ke Liye Qualification

  • उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम में बारहवीं कक्षा (10+2) उत्तीर्ण होना चाहिए.
  • और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान/ विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण होना चाहिए.

DCP ke Liye Yogyata

  • उम्मीदवार के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए.
  • उम्मीदवार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) Civil Service Exam उत्तीर्ण करके, IPS officer की पोस्ट पर कार्यरत हो.
  • या राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम उत्तीर्ण करके, DSP पोस्ट पर कार्यरत होनी चाहिए.
  • पुरुष उम्मीदवार की हाइट 165 cm और छाती 85 cm होनी चाहिए.
  • महिला उम्मीदवार की हाइट 155 cm होनी चाहिए.

DCP Kaise Bante Hai?

  • DCP यानि डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस पदोंन्नति (Promotion) के द्वारा बनते हैं.
  • इसकी भर्ती के लिए कोई एग्जाम नहीं होती है.
  • आईपीएस ऑफिसर (IPS) के रूप में 6 से 7 वर्षों तक कार्य करने के बाद प्रमोशन के द्वारा डीसीपी का पद मिलता है.
  • इसके आलावे डीएसपी (DSP) के पद पर 10  से 12  वर्षों तक पुलिस विभाग में कार्य करने के बाद promotion के द्वारा डीसीपी का पोस्ट मिलता है.

DCP Kaise Bane?

  • डीसीपी बनने के लिए सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से Graduation उत्तीर्ण करें.
  • उसके बाद UPSC सिविल सर्विस एग्जाम (CSE) के लिए अप्लाई करें.
  • और अच्छी रैंक में CSE एग्जाम उत्तीर्ण करके, IPS अधिकारी बने.
  • या राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम (CSE) के लिए आवेदन करें और अच्छी रैंक में एग्जाम उत्तीर्ण करके डीसीपी (DSP) बने.
  • क्योंकि IPS और DSP को पदोंन्नति के द्वारा DCP का पोस्ट मिलता है.
  • आईपीएस ऑफिसर के रूप में 6 से 7 वर्षों तक कार्य करके, प्रमोशन के द्वारा डीसीपी बने.
  • या DSP के रूप 10 से 12 वर्षों तक पुलिस विभाग में कार्य करके promotion के द्वारा DCP बने.

DCP ki Salary Kitni Hoti Hai?

डीसीपी की सैलरी 37400 से 67000 रूपये प्रतिमाह होती है. इसके अलावे Grade pay पर 5400 रूपये प्रतिमाह दिया जाता है. एक डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस/DCP को वेतन के अलावे अन्य भत्ते मिलती है जैसे, यात्रा भत्ते, आवास भत्ते, महंगाई भत्ते आदि और रिटायरमेंट होने पर पेंशन भी मिलती है.

UPSC ke Liye Qualification

  • अभ्यर्थी किसी मान्यता प्राप्त संस्थान/ विश्वविद्यालय से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन (BA/B.Sc/ B.Com) किया हो.
  • या किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से BE/ B.Tech/ MBBS या बैचलर डिग्री उत्तीर्ण हो

UPSC CSE ka Pattern Kya Hai?

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सर्विस एग्जाम  (CSE) तीन चरणों में होता है. Prelims, Mains और Interview.

Prelims Exam (प्रारंभिक परीक्षा) 

यह प्रथम चरण की परीक्षा होती है. इसमें कुल दो पेपर होते हैं, दोनों पेपर में कुल 200-200 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं. सभी प्रश्न Objective Type होते हैं. चार विकल्प दिया जाता है, किसी एक सही विकल्प को चुनकर उत्तर देना होता है. prelims का पेपर क्वालीफाइंग पेपर होता है, इसका अंक मेरिट में नहीं जुड़ता है.

Mains Exam (मुख्य परीक्षा)

प्रारंभिक परीक्षा के बाद  मुख्य परीक्षा होती है. यह परीक्षा केवल प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए होता है. इसमें कुल 9 पेपर होते हैं. दो क्वालीफाइंग पेपर होते है, जो कुल 300-300 अंकों की होती है. इन दोनों पेपर का अंक नहीं जुड़ता है.

अन्य 7 पेपर कुल 250-250 अंकों की होती है, कुल मिलाकर मुख्य परीक्षा 1750 अंकों की होती है. इन सात पेपर का अंक मेरिट में जुड़ता है. यह परीक्षा बहुत कठिन होती है. क्योंकि इसमें दीर्घउत्तरीय प्रश्न (Long Question) होते  हैं. प्रश्नों का उत्तर अपने शब्दों में लिखना होता है.

Interview (साक्षात्कार)

साक्षात्कार यूपीएससी की अंतिम चरण की परीक्षा होती है. Prelims व Mains एग्जाम में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही ही इंटरव्यू में बुलाया जाता है. इसमें उम्मीदवार की व्यक्तिगत जाँच यानि Personality test होती है. ज्ञान के अलावे व्यवहार आदि की जाँच होती है.

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