सिविल जज कैसे बनें? Civil Judge ke Liye Qualification, Salary, Selection Process

वर्त्तमान समय में अधिकांश स्टूडेंट्स भारत की न्यायिक व्यवस्था या लॉ के क्षेत्र में करियर संवारना चाहते हैं. अगर आपका भी सपना लॉ या कानून के क्षेत्र में करियर करियर संवारना हैं, तो सिविल जज बनकर अपने सपने को पूरा कर सकते हैं. अब आपके मन में सवाल होगा कि Civil Judge Kaise Bante Hai? तो आज आप जानेंगे Civil Judge Kaise Bane? सिविल जज की सैलरी कितनी होती है? Civil Judege ke Liye Qualification

Civil Judge Kya Hota Hai?

सिविल जज भारत की न्यायिक व्यवस्था का एक पद है. इसे ‘सिविल न्यायाधीश’ के नाम से भी जाना जाता है. सिविल जज का पद मजिस्ट्रेट से उच्च स्तर का होता है. एक सिविल जज के पास मजिस्ट्रेट से अधिक शक्तियां होती है. देश के सभी अदालतों (कोर्ट) में सिविल जज होते हैं, जो अपराधी पक्ष व पीड़ित पक्ष की बातों को सुनते हैं और अपराधिक मामलों की सुनवाई करता है.

Civil Judge ke Liye Qualification

  • उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से बारहवीं कक्षा (10+2) उत्तीर्ण हो.
  • और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान/ यूनिवर्सिटी से लॉ में बैचलर डिग्री (Bachelor of Law/ LLB ) कोर्स किया हो.
  • सिविल जज के लिए बैचलर ऑफ़ लॉ/ एलएलबी डिग्री अनिवार्य होता है.

Civil Judge ke Liye Yogyata

  • उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान/ यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ़ लॉ या LLB डिग्री होनी होनी चाहिए.
  • आवेदक की न्यूनतम उम्र 21वर्ष तथा अधिकतम उम्र 35 वर्ष होनी चाहिए.
  • अधिकतम उम्र-सीमा में reserve category कैंडिडेट को नियमानुसार छुट दिया जाता है.
  • उम्मीदवार को कानून/ लॉ का ज्ञान होना चाहिए.
  • हिंदी भाषा बोलने व लिखने का ज्ञान होना चाहिए.

Civil Judge Kaise Bane?

  • सिविल जज बनने के लिए सबसे पहले किसी भी स्ट्रीम में बारहवीं कक्षा (12th) उत्तीर्ण करें.
  • बारहवीं कक्षा पास करने के बाद किसी मान्यता प्राप्त लॉ कॉलेज/ संस्थान से Bachelor of Law/ LLB कोर्स करें.
  • बैचलर ऑफ़ लॉ यानि लॉ में स्नातक (ग्रेजुएशन) डिग्री उत्तीर्ण करने के बाद सिविल जज के लिए अप्लाई करें.
  • राज्य लोक सेवा आयोग (state PSC) समय-समय पर सिविल जज की रिक्ति पदों की भर्ती हेतु सिविल जज की वैकेंसी निकालती है.
  • सभी राज्यों की राज्य लोक सेवा आयोग Civil judge Recruitment के लिए notification जारी करती है.
  • जब सिविल जज भर्ती के लिए एप्लीकेशन फॉर्म निकलता है, उस समय Apply करें.
  • आवेदन करने के बाद न्यायिक सेवा परीक्षा (Judicial Service Exam) उत्तीर्ण करना होता है.
  • न्यायिक सेवा परीक्षा तीन चरणों में होता है, प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा (मैंस एग्जाम) और इंटरव्यू.
  • दो चरणों की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इंटरव्यू होता है.
  • केवल लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है.
  • इंटरव्यू यानि व्यक्तिगत साक्षात्कार में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का मेरिट बनता है.
  • जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट लिस्ट में होता है, उनका चयन सिविल जज के लिए होता है.
  • चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति राज्य की अदालतों में सिविल जज पोस्ट पर होती है.

Civil Judge ki Salary Kitni Hoti Hai?

सिविल जज की सैलरी 28,000 रूपये से 80,000 रूपये प्रतिमाह तक होती है. वेतन के अलावे महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता आदि मिलता है. सिविल जज की सैलरी  विभिन्न राज्यों में भिन्न-भिन्न होती है.

Civil Judge Selection Process Kya Hai?

राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित न्यायायिक सेवा परीक्षा (judicial service exam) के माध्यम से सिविल जज का सिलेक्शन होता है. न्यायिक सेवा परीक्षा तीन चरणों में होता है, प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (mains) और साक्षात्कार.

प्रारंभिक परीक्षा (prelims exam)

यह न्यायिक सेवा परीक्षा की प्रथम चरण का टेस्ट होता है. prelims एग्जाम का पेपर ऑब्जेक्टिव होता है. इसमें 150-200 अंकों का वस्तुनिष्ठ प्रश्न (objective question) होता है. परीक्षा का समय 2 घंटा निर्धारित होता है.

मुख्य परीक्षा (mains exam)

प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए मैंस एग्जाम होता है. मुख्य परीक्षा का पेपर Descriptive (व्याख्यात्मक) होता है. इसमें कुल चार पेपर होता है, प्रत्येक पेपर 100 अंकों का होता है, यानि कुल 400 अंकों का मैन्स का पेपर होता है. प्रत्येक पेपर को हल करने के लिए 3 घंटे का समय दिया जाता है.

साक्षात्कार (Interview)

मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए इंटरव्यू होता है. व्यक्तिगत साक्षात्कार 100 अंकों का होता है. इसमें इंटरव्यू पैनल अधिकारी आपके कुछ सवाल पूछते हैं, उसका उत्तर अच्छे से देना होता है.

इंटरव्यू के द्वारा आपकी ज्ञान, आत्मविश्वास, व्यवहार आदि जाँच की जाती है. इंटरव्यू उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों का मेरिट बनता है. मेरिट के आधार पर सिलेक्शन होता है. उसके बाद चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति राज्य के अदालतों में सिविल जज के तौर या पद पर होती है.

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