मध्याह्न भोजन योजना के उद्देश्य: Mid Day Meal Yojana ki Shuruaat Kab Hui?

वर्त्तमान समय में प्रत्येक सरकारी विद्यालय में बच्चों को दोपहर का भोजन (Mid-day meal) दिया जाता है. केंद्र सरकार ने सरकारी विद्यालय के कक्षा एक से आठ तक के सभी बच्चों को दोपहर का भोजन मुहैया कराने के लिए मध्याहन भोजन योजना शुरू की है. मध्याहन भोजन योजना के तहत स्कूली बच्चों को प्रोटीनयुक्त दोपहर का भोजन दिया जाता है. सरकारी विद्यालय में बच्चों को एक समय का भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार मिड डे मिल योजना शुरू की है. लेकिन क्या आपको मालूम है Madhyahan Bhojan Yojana ke Uddeshy Kya Hai? मध्याहन भोजन योजना किस उद्देश्य से प्रारंभ की गयी है?

तो आज मैं आपसे Madhyahan Bhojan Yojana ke Uddeshy के बारे में बात करने जा रही हूँ. मध्याहन भोजन योजना कक्षा एक से कक्षा आठ तक के सभी स्कूली बच्चों को दोपहर का भोजन मुहैया कराने के लिए शुरू की गयी है. यह योजना केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गयी स्कीम है. इस योजना के तहत प्रतिदिन करोड़ों स्कूली बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जाता है. कोई भी बच्चा विद्यालय में भूखे न रहे हैं, अधिक से अधिक बच्चे विद्यालय में उपस्थित रहें और विद्यार्थियों के नामांकन में वृद्धि हो. इस उद्देश्य से मिड डे मिल योजना चलाया गया है.

Madhyahan Bhojan Yojana Kya Hai? 

मध्याहन भोजन योजना भारत सरकार द्वारा चलाई गयी एक ‘योजना’ है. इस योजना के तहत देश के प्रत्येक सरकारी प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय के सभी बच्चों को ‘दोपहर का भोजन’ नि:शुल्क प्रदान किया जाता है.

केंद्र व राज्य सरकार ने स्कूल जाने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने, पढाई बीच में ही न छोड़ने व विद्यालय में विद्यार्थियों के पंजीकरण में वृद्धि, विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति को प्रभावी बनाने के लिए ‘ मिड डे मिल’ योजना की शुरुआत की है.

यह कार्यक्रम सरकारी स्कूलों में चलाया जा रहा है, जो भारत के लाखों बच्चों के लिए पर्याप्त पोषण का मुख्य स्रोत है. शुरुआत में इस योजना के तहत बच्चों को कच्चा अनाज दिया जाता था. कच्चा अनाज में गेंहू मिलता था. मध्याहन भोजन योजना में समय-समय पर परिवर्तन होते रहता है.

वर्त्तमान समय में  इस योजना के तहत बच्चों को पका हुआ भोजन भात-दाल और सब्जी दिया जाता है. पिछले कुछ वर्षों से चावल, दाल, सब्जी में  अंडा को शामिल किया गया है. सप्ताह में तीन दिन बच्चों को अंडा मिलता है.

आज लगभग सभी राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों में पका-पकाया मध्याहन भोजन कार्यक्रम चल रहा है. इस योजना के लिए अनाज की व्यवस्था भारतीय खाद्य निगम के द्वारा की जाती है. भोजन को पकाने और गुणवत्ता निर्धारण के लिए दो रूपये प्रति छात्र मूल्य का मानक रखा गया है. एक रूपये की सहायता मानव संसाधन विकास मंत्रालय करती है.

Madhyahan Bhojan Yojana ki Shuruaat Kab Hui? 

मध्याहन भोजन (एमडीएम ) योजना की शुरुआत 15 अगस्त, 1995 को हुई थी. उस समय कच्चा अनाज के रूप में बच्चों को गेंहूँ दिया जाता था. इसके बाद 14 जनवरी, 2005 में इस योजना में परिवर्तन करके पका-पकाया भोजन के रूप में चावल, दाल सब्जी दिया जा रहा है. मिड डे मिल कार्यक्रम के मेनू में समय-समय पर परिवर्तन होते रहता है.

Madhyahan Bhojan ke Uddeshy Kya Hai?

एमडीएम योजना के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं,

  • विद्यालय में कोई भी बच्चा भूखे न रहें.
  • छात्रों को दोपहर के भोजन में पौष्टिक आहार प्रदान करना.
  • प्राथमिक कक्षाओं में छात्राओं के नामांकन में वृद्धि.
  • अधिक से अधिक बच्चे स्कूल आए.
  • छात्रों को स्कूल में पुरे समय तक रोके रखना, विद्यालय छोड़ने की प्रवृति में कमी लाना.
  • स्कूल ड्राप-आउट दर में कमी लाना.
  • सभी जातियों व धर्मों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय में एक स्थान पर एक साथ समान भोजन उपलब्ध कराकर, बच्चों में सामाजिक सौहार्द्र, एकता और परस्पर भाईचारे की भावना विकसित करना.
  • गरीबी रेखा के नीचे के बच्चों में शिक्षा ग्रहण करने की क्षमता विकसित करना.
  • सूखा जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को खाना मुहैया करवाना.

वास्तव में यह योजना छोटे बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए चलायी गयी है. इस कार्यक्रम से कई गरीब बच्चों को पौष्टिक आहार मिल रहा है. इसके अलावे इस कार्यक्रम से कई स्वंयसेवी, संस्थाकर्मी एवं ग्राम प्रधान लाभान्वित हो रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: JTET ka Syllabus Kya Hai? Jharkhand TET Exam Pattern

मध्याहन भोजन योजना की कमियां 

आज के दौर में एमडीएम कार्यक्रम में कई कमियां भी दिखाई देने लगी है, जो इस प्रकार हैं,

  • भोजन का स्तर घटिया होना, पकाये गए भोजन की मात्रा कम होना.
  • घटिया किस्म का अन्न भोजन पकाने में प्रयुक्त होना, भोजन में कीड़े मिलना.
  • छात्रों की उपस्थिति में अंतर दिखाकर लुट-खसोट की प्रवृति बढ़ रही है.
  • भोजन की मात्रा में अपर्याप्तता.
  • कम भोजन बनाकर, बच्चों को कम-कम भोजन देना.

Mid day meal Yojana ke Uddeshy

तो, यही है Madhyahan Bhojan Yojana ke Uddeshy. हमें आशा है कि आपको यह आर्टिकल Mid Day Meal Yojana Kya Hai? अच्छा लगा होगा. और अब आपको अच्छे से पता भी चल गया होगा कि मध्याहन भोजन योजना के उद्देश्य क्या है? MDM Yojana ki Shuruaat Kab Hui?

इससे सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई भी सवाल हो, तो आप हमें निचे comment कर जरुर बताएं.

सर्व शिक्षा अभियान क्या है? Sarv Shiksha Abhiyaan ke Uddeshy

Leave a Comment