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आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने?आयुर्वेदिक डॉक्टर की सैलरी: Ayurvedic Doctor ke Liye Qualification

Ayurvedic Doctor Kaise Bane
Written by Naukriejob.com

आज के समय में हम सभी अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्य को बनाए रखने एवं बीमार होने पर आयुर्वेदिक दवाइयों का प्रयोग करते हैं. अंग्रेजी दवाईयों के बढ़ते दुष्प्रभावों के कारण, आयुर्वेदिक दवाइयों की मांग बढ़ गयी है. कई तरह के गंभीर बीमारियों का इलाज आयुर्वेद के द्वारा हो रहा है. कई तरह के रोगों के इलाज एवं शरीर में किसी तरह का बीमारी न हो, शरीर स्वस्थ रहें. इस उद्देश्य से हम सभी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से आयुर्वेदिक दवाई का सेवन करते हैं. अब आपके मन में सवाल होगा कि हम भी Ayurvedik Doctor Kaise Bane?

तो आज हम आपसे इसी के बारे में बात करेंगे कि आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बनते हैं? आयुर्वेद भारत की एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिसके जरिए बड़े से बड़ा रोग भी कुछ ही दिनों में जड़ी, बूंटियों के द्वारा ठीक किया जाता है.

आयुर्वेद क्या है?

आयुर्वेद दो शब्दों आयु: + वेद  से मिलकर बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ है “जीवन से सम्बंधित ज्ञान”. यह भारतीय आयुर्विज्ञान है. आयुर्विज्ञान, विज्ञान की वह शाखा है, जिसका सम्बन्ध मानव शरीर को निरोग रखने और रोग हो जाने पर रोग से मुक्त रखना है.

इसमें वात, पित्त, कफ के असंतुलन को रोग का कारण माने जाते हैं. इसी प्रकार सम्पूर्ण आयुर्वेदिक चिकित्सा के आठ अंग माने गए हैं (अष्टांग वैद्यक). ये आठ अंग हैं, कायचिकित्सा, शल्यतन्त्र, शालक्यतन्त्र, कौमारभृत्य, अगदतन्त्र, भूतविद्या, रसायनतन्त्र और वाजीकरण.

आयुर्वेदिक डॉक्टर किसे कहते हैं?

जो व्यक्ति आयुर्वेद का प्रयोग करके आयुर्वेदिक पद्धति के द्वारा विभिन्न रोगों का इलाज करते हैं, वे आयुर्वेदिक डॉक्टर कहलाते हैं. साधारण भाषा में कहे तो, आयुर्वेदिक डॉक्टर जड़ी, बूटियों के द्वारा रोगों का इलाज करते हैं. आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, उस समय छोटी-बड़ी सभी तरह के रोगों का इलाज आयुर्वेदिक तरीके से होता था. प्राचीन समय में आयुर्वेदिक डॉक्टर वैध के नाम से जाने जाते थे.

प्राचीन समय में आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए कोई कोर्स या पढाई नहीं होता था. जो व्यक्ति वैध का काम करता था, वह अपने बेटे को भी सीखाता था. ताकि जब वे काम न कर पाए, तब उनका बेटा वैध का काम करेगा. लेकिन वर्त्तमान समय में आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए पढाई करना होता है. आयुर्वेदिक पाठ्यक्रम उपलब्ध है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए क्या करें?

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए बारहवीं कक्षा साइंस स्ट्रीम में उत्तीर्ण करना होगा. और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएएमएस/ BAMS (बैचलर ऑफ़ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स करना होगा.

Ayurvedik Doctor ke Liye Qualification

  • उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से साइंस स्ट्रीम में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी सब्जेक्ट में बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण हो.
  • और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery (BAMS) कोर्स किया हो.
  • आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए बीएएमएस डिग्री होना अनिवार्य है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने?

  • आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए सबसे पहले आपको साइंस स्ट्रीम में 12th पास करना होगा.
  • उसके बाद किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से BAMS Course करना होगा.
  • बीएएमएस कोर्स में नामांकन के लिए बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नीट प्रवेश परीक्षा देना होगा.
  • नीट परीक्षा के द्वारा बीएएमएस पाठ्यक्रम में दाखिला मिलता है.
  • प्रवेश-परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बैचलर ऑफ़ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी कोर्स में एडमिशन लेना होगा.
  • कुछ संस्थान बिना प्रवेश-परीक्षा के एडमिशन लेती है.
  • यह कोर्स 5 वर्ष की अवधि की होती है,चार वर्ष तक पढाई करने के बाद एक वर्ष का इंटर्नशिप करना होगा.
  • इंटर्नशिप पूरा होने के बाद आप किसी निजी अस्पताल या संस्थान में आयुर्वेदिक डॉक्टर का काम कर सकते हैं.
  • या सरकारी नौकरी के लिए भी आवेदन कर सकते है.
  • आप अपना खुद का क्लिनिक खोलकर भी आयुर्वेदिक तरीके से मरीजों का इलाज कर अच्छी कमाई कर सकते है.

Ayurvedic Doctor ki Salary Kitni Hoti Hai?

आयुर्वेदिक डॉक्टर की सैलरी 25,000 रूपये से 30,000 रूपये प्रतिमाह होता है. शुरुआत में तीस हजार तक सैलरी होती है, लेकिन जैसे-जैसे अनुभव होता है, वैसे-वैसे वेतन में भी बढ़ोतरी होता है.

BAMS Course Kaise Kare?

  • बीएएमएस कोर्स करने के लिए सबसे पहले आप साइंस स्ट्रीम में बारहवीं कक्षा की पढाई पूरी करें.
  • 12th  पास करने के बाद नीट एग्जाम के अप्लाई करें, और नीट की तैयारी करें.
  • नीट यानि नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट उत्तीर्ण करना होगा, क्योंकि नीट के माध्यम से BAMS Course दाखिला मिलता है.
  • प्रवेश-परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बीएएमएस पाठ्यक्रम में नामांकन लेना होगा.
  • कुछ संस्थान बिना एंट्रेंस एग्जाम के भी दाखिला देती है.
  • एडमिशन लेने के अच्छे से पढाई करनी होगी.

बीएएमएस कोर्स कितने साल का होता है?

यह कोर्स कुल 5 वर्ष की अवधि का होता है. चार वर्षों की पढाई होती और कुल 1 वर्ष का इंटर्नशिप होता है.

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